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दिल्ली में वाटर स्पोर्ट्स पर संकट, DDA के नोटिस से खिलाड़ियों में हड़कंप

May 27, 2026 Source: Public-Axis

दिल्ली में वाटर स्पोर्ट्स पर संकट, DDA के नोटिस से खिलाड़ियों में हड़कंप
Delhi Development Authority (DDA) ने दिल्ली के सोनिया विहार वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के पास संचालित पांच वाटर स्पोर्ट्स क्लबों को जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया है। प्राधिकरण का आरोप है कि ये क्लब उसकी जमीन पर कथित अतिक्रमण कर बनाए गए अस्थायी ढांचों में संचालित हो रहे हैं। नोटिस में क्लब संचालकों को तय समय सीमा के भीतर जगह खाली करने के निर्देश दिए गए हैं और चेतावनी दी गई है कि आदेश का पालन नहीं होने पर प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई कर सकता है। जिन क्लबों को नोटिस भेजा गया है, उनमें वसुंधरा रोइंग क्लब, बीएसएफ सेंटर वाटर स्पोर्ट्स क्लब, सोनिया विहार वाटर स्पोर्ट्स क्लब, वजीराबाद वाटर स्पोर्ट्स क्लब और दिल्ली रोइंग नोड शामिल हैं। इन सभी क्लबों का प्रतिनिधित्व Delhi Rowing Association करती है। एसोसिएशन का कहना है कि वह लंबे समय से राजधानी में रोइंग, कयाकिंग और कैनोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने का काम कर रही है। 21 मई को जारी नोटिस में DDA ने कहा कि सोनिया विहार WTP के प्रवेश द्वार के पास की जमीन सरकारी उपयोग के लिए निर्धारित है और उस पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। नोटिस के अनुसार, तीन दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि मंगलवार तक किसी तरह की बड़ी कार्रवाई नहीं की गई थी, लेकिन क्लबों और खिलाड़ियों के बीच अनिश्चितता और चिंता का माहौल बना हुआ है। एसोसिएशन के सदस्यों ने दावा किया कि DDA ने दो क्लबों की बिजली सप्लाई भी काट दी है। हालांकि इस मामले पर DDA की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। क्लबों का कहना है कि यहां सैकड़ों खिलाड़ी नियमित रूप से प्रशिक्षण लेते हैं और दिल्ली-NCR में इस तरह की सुविधाएं बहुत सीमित हैं। Jai Karan Chaudhary ने कहा कि इन क्लबों के बंद होने से युवा खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। उनके अनुसार, यहां ट्रेनिंग लेने वाले कई खिलाड़ी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और उनके लिए ये सुविधाएं बेहद जरूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन क्लबों को हटाया गया तो खिलाड़ियों के पास अभ्यास के लिए कोई उपयुक्त विकल्प नहीं बचेगा। एसोसिएशन ने DDA की कार्रवाई को निराशाजनक बताया है। उनका कहना है कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब केंद्र सरकार Khelo India अभियान के जरिए देश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और ओलंपिक स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने पर जोर दे रही है। एसोसिएशन का मानना है कि इन क्लबों के बंद होने से न केवल खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी, बल्कि उभरती प्रतिभाओं के सपनों पर भी असर पड़ेगा।