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चावल की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नई नीति पर राज्य में मंथन

May 27, 2026 Source: Public-Axis

चावल की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नई नीति पर राज्य में मंथन
*छत्तीसगढ़ में लागू होगी ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम* *खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न* *राईस मिल एसोसिएशन ने दिए सुझाव, मिलों के आधुनिकीकरण और गुणवत्ता सुधार पर जोर* *एसोसिएशन ने योजना लागू करने से पहले कार्यशाला आयोजन के लिए खाद्य सचिव का माना आभार* *योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग का दिलाया भरोसा* रायपुर, 27 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में भारत सरकार की नवीन ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में आज न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने की। इसमें छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, भारतीय खाद्य निगम, मार्कफेड तथा प्रदेशभर के राईस मिलर्स ने भाग लिया। कार्यशाला में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि भारत सरकार आगामी खरीफ वर्ष में ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्राथमिकता के साथ लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए राज्य के राईस मिलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तकनीकी रूप से अपग्रेड करना आवश्यक होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मिलर्स द्वारा दिए गए सुझावों और समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाएंगे। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कान्ति लाल बोथरा, महामंत्री श्री विष्णु बिंदल, कोषाध्यक्ष श्री रमेश अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं मिलर्स उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यशाला आयोजन के लिए खाद्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यशाला में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से लागू की जाने वाली ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के विभिन्न प्रावधानों, गुणवत्ता मानकों, भंडारण व्यवस्था, अनुबंध प्रक्रिया, लागत एवं क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से 10 प्रतिशत अरवा ब्रोकन चावल एवं 5 प्रतिशत उसना ब्रोकन चावल के निर्धारित मानकों की जानकारी दी। बैठक के दौरान राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने व्यवहारिक समस्याओं और सुझावों को प्रमुखता से रखा। मिलर्स ने प्रदेश में उन्नत धान किस्मों की खेती को बढ़ावा देने, भारतीय खाद्य निगम में रैक मूवमेंट को तेज करने तथा मिलिंग लागत में वृद्धि जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। साथ ही उन्होंने स्कीम के सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर मार्कफेड के एमडी श्री जितेन्द्र शुक्ला, भारतीय खाद्य निगम के जीएम श्री दीपक शर्मा सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं राईस मिलर्स एसोसिएशन के लगभग 60 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।