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NEET पेपर लीक मामले में बड़ा कदम, सेना संभाल सकती है प्रश्नपत्र सुरक्षा
May 28, 2026 Source: Public-Axis
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में बढ़ते विरोध और छात्रों की नाराजगी के बीच केंद्र सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। इसी सिलसिले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक बड़ी और अहम बैठक आयोजित की गई। सूत्रों के अनुसार इस हाईलेवल मीटिंग में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।
बताया जा रहा है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और छात्रों की शिकायतों पर चर्चा करना है। सरकार परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बड़े फैसले ले सकती है। सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और संरक्षण की जिम्मेदारी सेना को सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है। माना जा रहा है कि इस कदम से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कड़ी रोक लगाई जा सकेगी और छात्रों का भरोसा दोबारा बहाल करने में मदद मिलेगी।
इस मामले में सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) है। इसी वजह से NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह को विशेष रूप से बैठक में बुलाया गया है। PMO के अधिकारी परीक्षा आयोजन में हुई कथित लापरवाही और सिस्टम की कमजोरियों पर सीधे रिपोर्ट ले रहे हैं। लगातार हो रहे छात्र प्रदर्शन और विपक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और धांधली की शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद विवाद और गहरा गया। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है और एजेंसी लगातार नए खुलासे कर रही है। अब तक इस केस में 10 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इसके अलावा लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे, फिजिक्स टीचर तेजस हर्षदकुमार शाह और कई कोचिंग संचालकों व शिक्षकों को भी जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया है।
CBI जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोग पहले NTA से जुड़े हुए थे और उन्होंने अपनी पहुंच का गलत इस्तेमाल करते हुए परीक्षा के अंतिम प्रश्नपत्रों तक पहुंच बना ली। आरोप है कि प्रश्नपत्र लीक कर उन्हें छात्रों और कोचिंग नेटवर्क तक पहुंचाया गया। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।