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हुगली में तृणमूल को तगड़ा झटका, चेयरमैन समेत 8 पार्षदों ने छोड़ा साथ

May 30, 2026 Source: Public-Axis

हुगली में तृणमूल को तगड़ा झटका, चेयरमैन समेत 8 पार्षदों ने छोड़ा साथ
हुगली: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर असंतोष और राजनीतिक उथल-पुथल की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में हुगली जिले की भद्रेश्वर नगरपालिका से एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है, जहां नगरपालिका के चेयरमैन प्रलय चक्रवर्ती सहित कुल आठ पार्षदों ने अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के अनुसार, 28 मई 2026 को दिए गए इन इस्तीफों ने जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। इस्तीफा देने वालों में चेयरमैन प्रलय चक्रवर्ती के अलावा सात अन्य पार्षद भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की हार के बाद इन नेताओं ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद छोड़ने का फैसला किया। भद्रेश्वर नगरपालिका में कुल 22 वार्ड हैं और लंबे समय तक यहां TMC का मजबूत प्रभाव रहा है। हालांकि हालिया चुनावों में पार्टी को बड़ा झटका लगा और 14 वार्डों में उसे हार का सामना करना पड़ा। यह नगरपालिका चंदननगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जहां भी TMC उम्मीदवार को पराजय झेलनी पड़ी थी। अपने इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए चेयरमैन प्रलय चक्रवर्ती ने कहा कि उन्होंने जनता के जनादेश और राय का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया है। उन्होंने चुनावी हार की जिम्मेदारी भी स्वीकार की और कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी राजनीतिक दबाव के कारण नहीं बल्कि निजी कारणों और नैतिक जिम्मेदारी के तहत दिया गया है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस्तीफों को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं। कुछ स्थानीय राजनीतिक पर्यवेक्षकों और विपक्षी नेताओं का मानना है कि बदलते राजनीतिक माहौल और विभिन्न भ्रष्टाचार मामलों में चल रही जांचों ने भी पार्टी नेताओं पर दबाव बढ़ाया है। वहीं TMC के कुछ अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि सत्ता परिवर्तन के बाद विकास कार्यों और फंडिंग से जुड़ी चुनौतियां बढ़ गई थीं, जिससे कई जनप्रतिनिधियों के लिए काम करना मुश्किल हो रहा था। दूसरी ओर भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि कई नेता संभावित जांच और कानूनी कार्रवाई की आशंका के कारण अपने पदों से हट रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल भद्रेश्वर नगरपालिका में हुए इस सामूहिक इस्तीफे को TMC के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। आने वाले दिनों में पार्टी इस स्थिति से कैसे निपटती है और खाली हुए पदों को लेकर क्या निर्णय लेती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।