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भारत के नाम सिंगापुर ओपन, सात्विक-चिराग ने जीता पहला खिताब
June 1, 2026 Source: Public-Axis
भारतीय बैडमिंटन के लिए 31 मई 2026 का दिन बेहद खास रहा, जब स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पहली बार सिंगापुर ओपन का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। दोनों खिलाड़ी बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 सिंगापुर ओपन के पुरुष युगल वर्ग में चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गए हैं।
फाइनल मुकाबले में सात्विक और चिराग का सामना इंडोनेशिया के फजर अल्फियान और मोहम्मद शोहिबुल फिक्री की मजबूत जोड़ी से हुआ। मुकाबले की शुरुआत भारतीय खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं रही और वे पहला गेम 18-21 से हार गए। हालांकि इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अपना अनुभव और कौशल दिखाया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने 21-17 से जीत हासिल कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।
निर्णायक तीसरे गेम में सात्विक और चिराग पूरी तरह हावी नजर आए। उन्होंने बेहतरीन कोर्ट कवरेज, सटीक स्मैश और शानदार तालमेल का प्रदर्शन करते हुए 21-16 से जीत दर्ज की। एक घंटे 13 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने 18-21, 21-17, 21-16 से जीत हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
यह खिताब उनके करियर का नौवां बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब और तीसरा सुपर 750 खिताब है। साथ ही लगभग दो साल बाद किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में उनकी यह पहली खिताबी जीत है। इससे पहले उन्होंने 2024 में थाईलैंड ओपन जीता था। उसके बाद वे कई फाइनल तक पहुंचे, लेकिन खिताब जीतने में सफल नहीं हो सके थे।
इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि फजर और फिक्री के खिलाफ भारतीय जोड़ी का रिकॉर्ड पहले 1-2 का था। इसी वर्ष मलेशिया ओपन में भी उन्हें इंडोनेशियाई जोड़ी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। सिंगापुर ओपन के फाइनल में जीत हासिल कर उन्होंने उस हार का बदला भी ले लिया।
टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में सात्विक और चिराग ने मौजूदा विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया की शीर्ष वरीय जोड़ी किम वोन हो और सियो सेउंग जे को हराकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी थी। खिताब जीतने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने भावुक अंदाज में जश्न मनाया।
सिंगापुर ओपन 2026 की यह ऐतिहासिक जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सात्विक और चिराग दुनिया की सर्वश्रेष्ठ पुरुष युगल जोड़ियों में शामिल हैं और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों में भी खिताब के मजबूत दावेदार रहेंगे।