Friday, July 17, 2026
English edition
PublicAxis PublicAxis

Balance. Truth. Perspective

India

दिल्ली में विपक्षी दलों का महाजुटान संभव, INDIA ब्लॉक की बैठक पर नजरें ....

June 2, 2026 Source: Public-Axis

दिल्ली में विपक्षी दलों का महाजुटान संभव, INDIA ब्लॉक की बैठक पर नजरें ....
नई दिल्ली। देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न राज्यों में बदलते समीकरणों के बीच विपक्षी गठबंधन **I.N.D.I.A ब्लॉक** की एक महत्वपूर्ण बैठक 8 जून को दिल्ली में आयोजित हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित करीब 15 विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करना और विपक्षी एकजुटता को और मजबूत करना बताया जा रहा है। इसके अलावा हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों तथा कई राज्यों में उभर रहे नए राजनीतिक समीकरणों पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, गठबंधन के कुछ प्रमुख सहयोगी दल इस बैठक से दूरी बना सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु की सत्तारूढ़ डीएमके के शामिल होने की संभावना कम है। वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) पहले ही सार्वजनिक रूप से INDIA ब्लॉक से दूरी बना चुकी है, इसलिए उसके प्रतिनिधियों के बैठक में शामिल होने की उम्मीद नहीं है। सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी इस बैठक में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस नेताओं पर कथित हमलों का मुद्दा भी उठा सकती हैं और अन्य विपक्षी दलों से समर्थन मांग सकती हैं। इससे बैठक का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है। गौरतलब है कि INDIA ब्लॉक की पहली बैठक 23 जून 2023 को पटना में हुई थी, जिसकी अगुवाई बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी। उस बैठक में 15 विपक्षी दलों ने भाग लिया था और 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने के लिए साझा मंच तैयार किया गया था। लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन को कुल 234 सीटें मिली थीं, जिनमें कांग्रेस की 99, समाजवादी पार्टी की 37 और तृणमूल कांग्रेस की 29 सीटें शामिल थीं। हालांकि यह आंकड़ा बहुमत के लिए आवश्यक 272 सीटों से काफी कम रहा। वहीं महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी विपक्षी महाविकास अघाड़ी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली और भाजपा गठबंधन ने स्पष्ट बढ़त हासिल की थी। ऐसे में 8 जून की प्रस्तावित बैठक विपक्षी राजनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।