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IPL के सबसे चर्चित विवाद पर ललित मोदी का बड़ा बयान, 16 साल पुराना मामला फिर चर्चा में ...

June 4, 2026 Source: Public-Axis

IPL के सबसे चर्चित विवाद पर ललित मोदी का बड़ा बयान, 16 साल पुराना मामला फिर चर्चा में  ...
आईपीएल के पूर्व चेयरमैन और वर्तमान में भारत से फरार कारोबारी ललित मोदी ने एक बार फिर 2010 के चर्चित कोच्चि टस्कर्स केरल विवाद को लेकर कई सनसनीखेज दावे किए हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय के केंद्रीय मंत्री शशि थरूर को बचाने के लिए तत्कालीन यूपीए सरकार और कांग्रेस नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय हो गया था। ललित मोदी के अनुसार, कोच्चि टस्कर्स फ्रेंचाइजी की बोली प्रक्रिया और उसके वित्तीय ढांचे में कई गंभीर सवाल थे। उनका दावा है कि उन्होंने कोच्चि कंसोर्टियम को आईपीएल में शामिल करने का विरोध किया था क्योंकि उनके द्वारा प्रस्तुत वित्तीय मॉडल संदिग्ध प्रतीत हो रहा था। मोदी ने कहा कि जब उन्होंने इस मामले पर सवाल उठाए, तो उन पर विभिन्न राजनीतिक और प्रशासनिक स्तरों से दबाव बनाया गया। पूर्व आईपीएल प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित यूपीए सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें उस समय कई प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों के फोन आते थे, जिनमें अहमद पटेल, प्रणब मुखर्जी और राजीव शुक्ला जैसे नाम शामिल थे। ललित मोदी ने विवाद की एक और अहम कड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि दिवंगत व्यवसायी सुनंदा पुष्कर को बिना किसी निवेश के कथित तौर पर 25 प्रतिशत इक्विटी दी जा रही थी। उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए थे और इसे पारदर्शिता के खिलाफ बताया था। मोदी का कहना है कि इसी मुद्दे को लेकर उनकी शशि थरूर से तीखी बातचीत हुई थी। गौरतलब है कि कोच्चि टस्कर्स केरल आईपीएल की एक फ्रेंचाइजी थी, जिसने केवल 2011 सीजन में हिस्सा लिया था। टीम को 2010 में रॉन्डेवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड ने लगभग 1,550 करोड़ रुपये में खरीदा था। बाद में वित्तीय विवादों और बैंक गारंटी से जुड़े मुद्दों के कारण बीसीसीआई ने 2011 में फ्रेंचाइजी का अनुबंध समाप्त कर दिया था, जिसके बाद टीम आईपीएल से बाहर हो गई। हालांकि, ललित मोदी के इन दावों पर संबंधित नेताओं की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।