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‘क्या मैं अपना धर्म छोड़ सकता हूं?’, डीके शिवकुमार के बयान के पीछे क्या है वजह?
June 7, 2026 Source: Public-Axis
कर्नाटक के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने धर्म और आस्था को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वह हिंदू हैं और किसी को खुश करने या राजनीतिक कारणों से अपनी धार्मिक पहचान नहीं छोड़ सकते। उनका कहना है कि धर्म और ईश्वर के प्रति आस्था व्यक्ति का निजी विषय है और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
दरअसल, 3 जून को हुए शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हिंदू परंपराओं और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने को लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाए थे। इन आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति और ईश्वर के बीच का संबंध है। मंदिर और आस्था उसी संबंध का हिस्सा हैं और उनका पालन करना केवल व्यक्तिगत विश्वास का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सभी धर्मों का समान सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे ईसाई, सिख, बौद्ध या हिंदू समुदाय हो, सभी धार्मिक संस्थाएं लोगों को ईश्वर से जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े अवसर पर हर धर्म के लोग अपने-अपने रीति-रिवाजों का पालन करते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले उन्होंने विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं से आशीर्वाद लिया था। शिवकुमार ने सवाल करते हुए कहा कि क्या कोई व्यक्ति केवल परिस्थितियों के कारण अपना धर्म या अपनी पहचान छोड़ सकता है? उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म का व्यक्ति अपनी आस्था और पहचान को इतनी आसानी से नहीं त्याग सकता।