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रिजॉर्ट पॉलिटिक्स फिर लौटी झारखंड में: नाथवानी की एंट्री से हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका, कांग्रेस सतर्क...

June 8, 2026 Source: Public-Axis

रिजॉर्ट पॉलिटिक्स फिर लौटी झारखंड में: नाथवानी की एंट्री से हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका, कांग्रेस सतर्क...
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। दो सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में नामांकन का आखिरी दिन महत्वपूर्ण रहा, जहां सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। Jharkhand Mukti Morcha ने बैजनाथ राम को मैदान में उतारा है, जबकि Indian National Congress ने एक बार फिर प्रणव झा पर भरोसा जताया है। दूसरी ओर, बहुमत की स्थिति में नहीं होने के कारण Bharatiya Janata Party ने अपना आधिकारिक उम्मीदवार नहीं उतारा, लेकिन उसने निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी को समर्थन देने का फैसला किया है, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है। परिमल नाथवानी के चुनाव मैदान में उतरने के बाद “हॉर्स ट्रेडिंग” की आशंका बढ़ गई है और इसी कारण राज्य में “रिजॉर्ट पॉलिटिक्स” फिर से शुरू हो गई है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए पार्टी अपने सभी 16 विधायकों को सुरक्षित रखने की रणनीति पर काम कर रही है और उन्हें मतदान तक तेलंगाना के एक रिसॉर्ट में शिफ्ट करने की तैयारी है। झारखंड में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 28 विधायकों का समर्थन जरूरी है। वर्तमान में सत्तारूढ़ महागठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जिसमें JMM के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायक शामिल हैं। यह संख्या दोनों सीटों के लिए पर्याप्त मानी जा रही है, लेकिन नाथवानी की एंट्री से समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। उधर, National Democratic Alliance की ओर से परिमल नाथवानी को समर्थन देने का निर्णय लिया गया है। विपक्ष का कहना है कि उनके पास संख्याबल कम है, इसलिए यह रणनीतिक समर्थन दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी कहा कि संख्या बल के अभाव में निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन किया जा रहा है। कुल मिलाकर, झारखंड का राज्यसभा चुनाव अब शह और मात की राजनीति में बदल गया है, जहां क्रॉस वोटिंग और विधायकों की एकजुटता अंतिम परिणाम तय करेगी।