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अंडमान सागर में भारत की मौजूदगी होगी मजबूत, ग्रेट निकोबार में बनेगा नया एयरपोर्ट...

June 8, 2026 Source: Public-Axis

अंडमान सागर में भारत की मौजूदगी होगी मजबूत, ग्रेट निकोबार में बनेगा नया एयरपोर्ट...
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ग्रेट निकोबार द्वीप समूह के समग्र विकास के तहत एक बड़े डुअल-यूज एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 13,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एयरपोर्ट का उपयोग नागरिक उड्डयन के साथ-साथ भारतीय नौसेना द्वारा भी किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में भारत की रणनीतिक और सुरक्षा क्षमताएं मजबूत होंगी। सरकार की योजना के अनुसार यह एयरपोर्ट अगले पांच वर्षों में तैयार किया जाएगा। परियोजना के वित्तपोषण की जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय संयुक्त रूप से निभाएंगे। ग्रेट निकोबार विकास परियोजना का उद्देश्य अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को और सशक्त बनाना है। इस मेगा प्रोजेक्ट में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा सुविधाएं शामिल हैं। इनमें 14.2 मिलियन TEU क्षमता वाला अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल (ICTT), 4,000 पीक आवर यात्रियों की क्षमता वाला ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, 450 MVA क्षमता का गैस एवं सौर ऊर्जा आधारित पावर प्लांट तथा 16,610 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाने वाला नया टाउनशिप शामिल है। पीआईबी के अनुसार, परियोजना को पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। योजना के तहत सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्रभावों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा ताकि विकास और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन बना रहे। यह परियोजना तीन चरणों में पूरी की जाएगी और लगभग 166.10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी। निकोबार क्षेत्र में रहने वाली शोम्पेन और निकोबारी जनजातियों के संरक्षण तथा उनकी आजीविका को सुरक्षित रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।