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June 10, 2026 Source: Public-Axis
EU Sanctions On Indian Companies: यूरोपीय यूनियन (EU) ने रूस के खिलाफ अपने 21वें प्रतिबंध पैकेज के तहत बड़ा कदम उठाते हुए भारत, चीन और कई अन्य देशों की करीब 50 कंपनियों पर नए निर्यात नियंत्रण (Export Control) उपाय लागू करने की घोषणा की है। यूरोपीय संघ का कहना है कि ये कंपनियां रूस की सेना और उसके सैन्य-औद्योगिक ढांचे के साथ सीधे कारोबार कर रही हैं।
मंगलवार को घोषित इस नए प्रतिबंध पैकेज का उद्देश्य यूक्रेन के खिलाफ जारी रूसी सैन्य अभियान को आर्थिक और तकनीकी सहायता मिलने से रोकना है। इस सूची में भारत और चीन के अलावा तुर्किये, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित कई कंपनियां भी शामिल हैं।
यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कल्लास ने कहा कि इन कदमों का मकसद रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को कमजोर करना और उसके सैन्य अभियान को वित्तीय समर्थन मिलने पर रोक लगाना है। उन्होंने बताया कि ड्रोन निर्माण से जुड़ी 30 से अधिक संस्थाओं को भी प्रतिबंध सूची में शामिल किया जाएगा।
प्रस्तावित पैकेज में उन बैंकों, हथियार निर्माताओं, तेल व्यापारियों, रिफाइनरियों और क्रिप्टो ऑपरेटरों को भी निशाना बनाया गया है, जिन पर रूस को मौजूदा प्रतिबंधों से बचने में मदद करने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 90 बैंकों की संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं, जबकि 30 से अधिक बैंकों के साथ लेनदेन पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाने की तैयारी है। इसके अलावा 11 क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म पर भी ट्रांजैक्शन बैन लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।