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यूरोप में बढ़ी एंटी-इमिग्रेंट लहर, इंग्लैंड-आयरलैंड-जर्मनी में प्रदर्शन, भारतीयों के सपनों पर असर!
June 13, 2026 Source: Public-Axis
ब्रिटेन, आयरलैंड, जर्मनी समेत यूरोप के कई देशों में इन दिनों प्रवासियों के खिलाफ माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। बढ़ती महंगाई, आवास संकट, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और शरणार्थियों की बढ़ती संख्या को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ी है। यही वजह है कि कई यूरोपीय देशों में विरोध प्रदर्शन, हिंसक घटनाएं और राजनीतिक बहसें तेज हो गई हैं।
ब्रिटेन, आयरलैंड, जर्मनी, फ्रांस और नीदरलैंड जैसे देशों में लोग सड़कों पर उतरकर सख्त आव्रजन नीतियों की मांग कर रहे हैं। कई जगहों पर आगजनी, दंगे और प्रवासियों के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिले हैं। कुछ राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
सोशल मीडिया के जरिए यह धारणा भी तेजी से फैल रही है कि बड़ी संख्या में आने वाले प्रवासियों की वजह से स्थानीय संस्कृति, जनसंख्या संतुलन और सीमित संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। अधूरी और भ्रामक जानकारियां इस तनाव को और बढ़ाने का काम कर रही हैं।
इस बदलते माहौल का असर भारतीय समुदाय पर भी पड़ सकता है। बेहतर शिक्षा, रोजगार, जीवन स्तर और परिवार के लिए सुरक्षित वातावरण की तलाश में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र, पेशेवर और परिवार यूरोप का रुख कर रहे हैं। लेकिन अब कई देशों में बढ़ते प्रवासी विरोध के कारण उनके लिए चुनौतियां बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
खासतौर पर आयरलैंड में हाल के महीनों में भारतीयों और अन्य प्रवासी समुदायों के खिलाफ नस्लीय हमलों और विरोध प्रदर्शनों की घटनाएं सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अवैध प्रवास और शरणार्थियों की बढ़ती संख्या से रोजगार और संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले समय में भारतीयों के लिए ‘यूरोपियन ड्रीम’ की राह पहले की तुलना में अधिक कठिन होती दिखाई दे रही है।