Thursday, July 16, 2026
English edition
PublicAxis PublicAxis

Balance. Truth. Perspective

India

दिल्ली के पॉश इलाके में 700 झुग्गियों पर कार्रवाई की संभावना...

June 19, 2026 Source: Public-Axis

दिल्ली के पॉश इलाके में 700 झुग्गियों पर कार्रवाई की संभावना...
दिल्ली के लुटियंस ज़ोन में स्थित जयपुर पोलो ग्राउंड और रेस कोर्स क्षेत्र के ब्री कैंप की 700 से अधिक झुग्गियों पर बुलडोजर कार्रवाई की आशंका से बड़ी चिंता फैल गई है। प्रशासन द्वारा कई घरों पर निशान लगाए जाने के बाद हटाने की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत मिले हैं। यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बताई जा रही है, जिससे इलाके में रहने वाले सैकड़ों परिवारों में भय और अनिश्चितता का माहौल है। ब्री कैंप में लंबे समय से रह रहे 700 से ज्यादा परिवार अब बेघर होने के खतरे का सामना कर रहे हैं। इन परिवारों की आजीविका मुख्य रूप से आसपास के इलाकों में घरेलू काम, सुरक्षा, सफाई और अन्य ब्लू-कॉलर नौकरियों पर निर्भर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उन्हें दूर स्थित सवदा घेवरा में पुनर्वासित किया गया, तो उनका रोजगार और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा। इसी कारण प्रभावित परिवारों ने 11 मई के अदालत आदेश के खिलाफ अपील भी दायर की है। कार्रवाई की आशंका के बीच गुरुवार को इलाके में प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ गईं, जिसके बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवारों ने अपने घरों से दरवाजे, खिड़कियां, टिन की चादरें और अन्य जरूरी सामान निकालना शुरू कर दिया, ताकि संभावित तोड़फोड़ में नुकसान कम किया जा सके। स्थानीय निवासी शान खान सहित कई लोगों का कहना है कि वे और उनके परिवार कई दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं और यहां कई पीढ़ियां पली-बढ़ी हैं। अचानक घर खाली करने के नोटिस और कार्रवाई की आशंका ने लोगों को गहरे संकट में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि लगभग 300 परिवार पहले ही सवदा घेवरा स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि बाकी लोग अदालत के अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मुद्दा पुनर्वास और आजीविका के बीच संतुलन का है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि केवल घर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके रोजगार और सामाजिक जीवन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। अब सभी की नजरें अदालत के अगले निर्णय और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।