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बिहार में NEET री-एग्जाम के दौरान पकड़ा गया सॉल्वर गैंग, कई मेडिकल छात्र शामिल...

June 22, 2026 Source: Public-Axis

बिहार में NEET री-एग्जाम के दौरान पकड़ा गया सॉल्वर गैंग, कई मेडिकल छात्र शामिल...
नीट यूजी री-एग्जाम के दौरान बिहार में एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश होने से एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। लखीसराय में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच मेडिकल छात्र और बायोमैट्रिक सत्यापन से जुड़ी कंपनी के 14 कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि गिरोह असली अभ्यर्थियों की जगह फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाकर परीक्षा पास कराने की साजिश में शामिल था। जांच में सामने आया है कि इस रैकेट ने परीक्षा केंद्रों पर बायोमैट्रिक सत्यापन व्यवस्था में ही सेंध लगाई थी। कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से नकली परीक्षार्थियों को असली अभ्यर्थियों के नाम पर परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिलाया गया। शुरुआती जांच के मुताबिक, इसके लिए प्रति उम्मीदवार करीब 30 लाख रुपये तक की डील की गई थी। पुलिस ने तीन अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से सात सॉल्वरों को पकड़ा है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब हाजीपुर निवासी और पीएमसीएच का छात्र मयंक कश्यप संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया। वह कथित तौर पर बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी के रूप में परीक्षा केंद्र में दाखिल हुआ था। जांच एजेंसियों के अनुसार, पावापुरी मेडिकल कॉलेज, राजगीर का छात्र रविशंकर इस नेटवर्क का प्रमुख संचालक था, जबकि गया मेडिकल कॉलेज के छात्र अर्पित राज को पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। अर्पित राज का नाम वर्ष 2024 के चर्चित नीट पेपर लीक मामले में भी सामने आ चुका है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क बिहार से बाहर कई राज्यों तक फैला हो सकता है, जिसके चलते मामले की गहन जांच जारी है।