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CBSE के बाद सरकारी टेंडरों की पारदर्शिता बढ़ाने निकले छात्र सार्थक, लॉन्च किया पोर्टल
June 27, 2026 Source: Public-Axis
कक्षा 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत एक बार फिर सरकारी खरीद प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर चर्चा में हैं। इससे पहले CBSE के डिजिटल मूल्यांकन टेंडर में कथित अनियमितताओं को उजागर कर सुर्खियां बटोरने वाले सार्थक ने अब एक ऐसा सार्वजनिक पोर्टल तैयार किया है, जो भारत सरकार के केंद्रीय सार्वजनिक खरीद (CPP) पोर्टल से जुटाए गए करीब 1.66 करोड़ सरकारी खरीद रिकॉर्ड को आम लोगों के लिए उपलब्ध कराता है।
सार्थक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस पहल की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकारी खरीद से जुड़ी जानकारी सभी नागरिकों के लिए आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में CPP पोर्टल से करोड़ों रिकॉर्ड एकत्र कर उन्हें एक सार्वजनिक डेटाबेस के रूप में जारी किया गया है, ताकि पत्रकार, शोधकर्ता और आम नागरिक सरकारी खर्च और खरीद प्रक्रियाओं का स्वतंत्र रूप से विश्लेषण कर सकें।
उनके अनुसार, यह पोर्टल केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी विभागों की खरीद संबंधी जानकारी भी इसमें शामिल है। इससे सरकारी खर्च की निगरानी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सार्थक इससे पहले भी CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठा चुके हैं। अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी में अंकों के अंतर को देखने के बाद उन्होंने इस विषय पर गहन अध्ययन किया था। उनके निष्कर्षों ने इतना ध्यान आकर्षित किया कि उन्हें शिक्षा से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति के सामने अपने विचार रखने का अवसर भी मिला। अब उनका नया पोर्टल सरकारी खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।