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प्रस्तावना हटाने के दावों को NCERT ने बताया भ्रामक

June 27, 2026 Source: Public-Axis

प्रस्तावना हटाने के दावों को NCERT ने बताया भ्रामक
कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की किताब से संविधान की प्रस्तावना हटाए जाने के आरोपों के बीच राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। परिषद ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना को पाठ्यक्रम से नहीं हटाया गया है, बल्कि नए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCF) के तहत विषयों को अलग तरीके से व्यवस्थित किया गया है ताकि छात्रों को उन्हें चरणबद्ध ढंग से समझने में आसानी हो। NCERT के मुताबिक, संविधान की प्रस्तावना नई पुस्तकों के शुरुआती पन्नों में प्रकाशित की गई है और कक्षा 10 के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम में भी इसे विस्तार से पढ़ाया जाएगा। परिषद ने यह भी बताया कि संविधान के मूल आदर्श—जैसे न्याय, स्वतंत्रता, समानता, समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता—पहले से ही कक्षा 6 से 8 के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं। खासतौर पर कक्षा 7 की सामाजिक विज्ञान पुस्तक में इन विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है। दरअसल, नई सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में ‘सेक्युलर’ और ‘सेक्युलरिज्म’ जैसे शब्दों के कथित रूप से कम उल्लेख को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे। विपक्ष का आरोप है कि संविधान के मूल सिद्धांतों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, NCERT ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नई पुस्तक **‘Understanding Society: India and Beyond’** राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई है। इसमें भारतीय लोकतंत्र, चुनाव प्रणाली और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े विषयों को अधिक व्यापक रूप में शामिल किया गया है। साथ ही, पहली बार कक्षा 9 की पुस्तक में 1975–77 के आपातकाल पर एक अलग अध्याय जोड़ा गया है, जिसमें इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में प्रस्तुत किया गया है। परिषद ने छात्रों और अभिभावकों को नकली NCERT पुस्तकों से सावधान रहने की भी सलाह दी है।