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ओम बिरला के फैसले पर टिकी TMC और शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों की किस्मत

July 5, 2026 Source: Public-Axis

ओम बिरला के फैसले पर टिकी TMC और शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों की किस्मत
संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण फैसला ले सकते हैं। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक प्रस्तावित है और उससे पहले दल-बदल विरोधी कानून के तहत लंबित याचिकाओं पर निर्णय की तैयारी तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ने TMC के प्रतिनिधिमंडल, जिसकी अगुवाई अभिषेक बनर्जी ने की, और पार्टी के बागी सांसदों से अलग-अलग मुलाकात कर उनका पक्ष सुना है। इसी तरह की प्रक्रिया शिवसेना (UBT) के मामले में भी अपनाई गई। फिलहाल संवैधानिक और कानूनी विशेषज्ञ इन मामलों की समीक्षा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पहले दिए गए स्पीकरों के फैसलों और कानूनी नजीरों का भी अध्ययन किया जा रहा है, ताकि निर्णय पूरी तरह कानून के अनुरूप हो। जरूरत पड़ने पर कानून मंत्रालय से भी राय ली जा सकती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में TMC के 29 सांसद चुने गए थे, जिनमें से 20 सांसद पार्टी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए हैं। इस समूह ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है और एनडीए के प्रति समर्थन भी जताया है। वहीं, शिवसेना (UBT) के नौ सांसदों में से छह ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है। TMC और शिवसेना (UBT) दोनों ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि बागी सांसदों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित किया जाए। उनका तर्क है कि कानून के अनुसार तभी राहत मिल सकती है, जब किसी दल के कम से कम दो-तिहाई सांसद एक साथ अलग हों। अब सभी की नजरें लोकसभा अध्यक्ष के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।