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20 करोड़ ऑफर पर महाराष्ट्र में सियासी घमासान, राउत के आरोपों को विधायक ने किया खारिज

July 6, 2026 Source: Public-Axis

20 करोड़ ऑफर पर महाराष्ट्र में सियासी घमासान, राउत के आरोपों को विधायक ने किया खारिज
महाराष्ट्र की राजनीति में रविवार (5 जुलाई) को उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया कि कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) धीरज लिंगाडे को दल बदलने के लिए 20 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया था। हालांकि, राउत ने यह नहीं बताया कि यह कथित पेशकश किसने की थी और लिंगाडे को किस पार्टी में शामिल करने की कोशिश की गई। मीडिया से बातचीत के दौरान राउत ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के सांसदों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को तोड़ने की लगातार कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार धीरज लिंगाडे को भी 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया था। राउत ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त जैसी घटनाएं राजनीतिक व्यवस्था के लिए सही संकेत नहीं हैं। हालांकि, राउत के इस दावे के कुछ ही समय बाद कांग्रेस एमएलसी धीरज लिंगाडे ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला। लिंगाडे ने यह भी कहा कि वह खुद राउत के इस बयान से हैरान हैं और उनके साथ इस तरह की कोई घटना नहीं हुई। वहीं, बीजेपी ने भी राउत के आरोपों पर पलटवार किया। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरीश महाजन ने कहा कि संजय राउत अक्सर बिना सबूत के बड़े-बड़े दावे करते हैं ताकि राजनीतिक सुर्खियां हासिल कर सकें। उन्होंने सलाह दी कि शिवसेना (यूबीटी) को आरोप लगाने के बजाय अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। फिलहाल इस पूरे मामले में संजय राउत की ओर से कोई सार्वजनिक सबूत सामने नहीं आया है। ऐसे में यह विवाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित दिखाई दे रहा है, लेकिन इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।