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PoK में बढ़ी बेचैनी: JAAC की दो टूक, 38 मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा और तेज

July 9, 2026 Source: Public-Axis

PoK में बढ़ी बेचैनी: JAAC की दो टूक, 38 मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा और तेज
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर राजनीतिक तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी कार्रवाई समिति (JAAC) ने पाकिस्तान सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए साफ कर दिया है कि यदि उसकी 38 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 9 जुलाई से आंदोलन का "बड़ा और अंतिम चरण" शुरू किया जाएगा। इस बीच JAAC और PoK सरकार के बीच हुई बातचीत भी बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई, जिससे गतिरोध और गहरा गया है। JAAC ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में मुजफ्फराबाद तक विशाल विरोध मार्च निकाला जाएगा। संगठन ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ विदेशों में रह रहे कश्मीरियों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र (UN), ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से हालात पर नजर रखने का अनुरोध किया गया है। आंदोलन की सबसे बड़ी मांग पाकिस्तान में बसे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों को समाप्त करने की है। JAAC का आरोप है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद PoK की राजनीति पर अपना प्रभाव बनाए रखता है। संगठन का कहना है कि पाकिस्तान में रहने वाले लगभग 43 लाख मतदाताओं के लिए 12 सीटें आरक्षित हैं, जबकि PoK के करीब 33 लाख स्थानीय मतदाताओं के लिए केवल 33 सीटें हैं। इसके अलावा JAAC ने महंगाई पर नियंत्रण, आटा जैसी जरूरी वस्तुओं पर सब्सिडी, बिजली दरों में कमी और जलविद्युत परियोजनाओं की समीक्षा जैसी मांगें भी उठाई हैं। संगठन का कहना है कि PoK में बनने वाली बिजली का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा और उनसे ही अधिक कीमत वसूली जा रही है। इस बीच एमनेस्टी इंटरनेशनल सहित कई मानवाधिकार संगठनों ने आंदोलन से जुड़े लोगों पर कार्रवाई और असहमति दबाने के आरोपों को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की है। लंदन, ऑकलैंड और ब्रैडफोर्ड में भी समर्थन प्रदर्शन हुए। वहीं JAAC नेता सरदार अमन खान ने भारत से मानवीय सहायता और नियंत्रण रेखा (LoC) पर राहत उपायों की अपील करते हुए कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।