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दिल्ली के स्कूलों में बाल संरक्षण पर विशेष फोकस, जागरूकता सत्र होंगे अनिवार्य

July 10, 2026 Source: Public-Axis

दिल्ली के स्कूलों में बाल संरक्षण पर विशेष फोकस, जागरूकता सत्र होंगे अनिवार्य
दिल्ली सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राजधानी के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ‘गुड टच और बैड टच’ जागरूकता सत्र आयोजित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल जुलाई में मनाए जा रहे POCSO जागरूकता माह के तहत शुरू की जा रही है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बीच का अंतर समझाया जा सके और वे किसी भी अनुचित या संदिग्ध व्यवहार की पहचान कर समय रहते अपने माता-पिता, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दे सकें। सरकार ने सभी स्कूलों के लिए बाल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करना अनिवार्य कर दिया है। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी दिशा-निर्देश प्रभावी रूप से लागू हों और शिक्षकों सहित पूरे स्टाफ को आवश्यक प्रशिक्षण व संवेदनशीलता प्रदान की जाए। इसके साथ ही सभी स्कूलों को 15 दिनों के भीतर सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन की अनुपालन रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंपनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूलों में सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल तैयार करने की दिशा में एक व्यापक पहल है। अभियान के दौरान छात्रों, शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों को POCSO अधिनियम और बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी दी जाएगी, ताकि बाल शोषण की रोकथाम और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस अभियान में माता-पिता, शिक्षकों, दिल्ली पुलिस, जिलाधिकारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी। सरकार का लक्ष्य जुलाई के अंत तक दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों में बाल संरक्षण समितियों का गठन करना है, जो बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी करेंगी। साथ ही सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को POCSO कानून के तहत विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।