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रूफटॉप सोलर अपनाकर बिजली बिल को किया जा सकता है शून्य
July 21, 2026 Source: Public-Axis
रायपुर। स्मार्ट मीटर को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शिता, सुविधा और अपनी बिजली खपत पर बेहतर नियंत्रण प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों पर विश्वास करने के बजाय उपभोक्ताओं को तथ्यों पर भरोसा करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि देशभर में स्मार्ट मीटर योजना की शुरुआत केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत की गई थी। छत्तीसगढ़ में इस परियोजना की स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में पूरी हुई थी तथा विभिन्न बिजली वितरण क्षेत्रों के लिए चरणबद्ध तरीके से एजेंसियों का चयन किया गया था।
सवन्नी के अनुसार स्मार्ट मीटर का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली की वास्तविक खपत की जानकारी उपलब्ध कराना, बिजली चोरी और लाइन लॉस में कमी लाना तथा वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिल नहीं बढ़ता, बल्कि गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली खपत बढ़ने के कारण उपभोक्ता ऊंचे टैरिफ स्लैब में पहुंच जाते हैं, जिससे बिल अधिक आता है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक आधे बिल की छूट मिलती है। यदि किसी माह में खपत 400 यूनिट से अधिक हो जाती है तो यह लाभ स्वतः समाप्त हो जाता है, जिसके कारण बिजली बिल में बढ़ोतरी दिखाई देती है। वहीं, लगातार निर्धारित सीमा से अधिक बिजली लोड लेने पर नियमानुसार अतिरिक्त शुल्क लेकर स्वीकृत लोड बढ़ाने की व्यवस्था भी लागू है।
उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं को मीटर की रीडिंग पर संदेह होता है, उनके लिए चेक मीटर की सुविधा उपलब्ध है। अब तक की जांच में स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर की रीडिंग में कोई अंतर नहीं पाया गया है।
उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर नजर रखने के लिए 'मोर बिजली' ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इस ऐप के माध्यम से हर 30 मिनट में बिजली खपत की जानकारी देखी जा सकती है, जिससे उपभोक्ता अपनी खपत नियंत्रित कर ऊर्जा राहत योजना का लाभ बनाए रख सकते हैं। किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली बिल कम करने का सबसे प्रभावी उपाय रूफटॉप सोलर सिस्टम है। योजना के तहत विभिन्न क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से सब्सिडी प्रदान की जा रही है। नेट मीटरिंग व्यवस्था के जरिए अतिरिक्त उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजी जाती है, जिसका लाभ उपभोक्ताओं को आगामी बिजली बिल में मिलता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में उपभोक्ता प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से जुड़ चुके हैं और हजारों घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे अनेक परिवारों का बिजली बिल शून्य के करीब पहुंच गया है।
सवन्नी ने कहा कि स्मार्ट मीटर और सौर ऊर्जा जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा, पारदर्शिता और आर्थिक लाभ देने के उद्देश्य से लागू की गई हैं। ऐसे में लोगों को अफवाहों से बचते हुए प्रमाणित और तथ्यात्मक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।