Monday, August 31, 2026
English edition
PublicAxis PublicAxis

Balance. Truth. Perspective

India

खेल केवल फिटनेस नहीं, जीवन में संघर्ष की सीख भी देता है : प्रो. दयाल

August 29, 2026 Source: Public-Axis

खेल केवल फिटनेस नहीं, जीवन में संघर्ष की सीख भी देता है : प्रो. दयाल
खेल केवल फिटनेस नहीं, जीवन में संघर्ष की सीख भी देता है : प्रो. दयाल

1 / 2

​रायपुर,29 अगस्त 2026/ खेल केवल शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती का जरिया नहीं, बल्कि यह विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी अंतिम क्षण तक संघर्ष कर विजय श्री हासिल करने का साहस प्रदान करता है। यह विचार कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। ​विश्वविद्यालय प्रांगण में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. दयाल ने कहा कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, धैर्य, उत्साह, सकारात्मकता और आपसी समन्वय जैसे जीवन-मूल्यों का बीजारोपण होता है। ये गुण न केवल व्यक्तित्व को संतुलित और बहुआयामी बनाते हैं, बल्कि आज के दौर में तनाव मुक्त जीवन जीने का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। ​राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में परिसर में विविध पारंपरिक एवं नवाचारी खेलों की धूम रही। इसमें विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने 'ओंकार दौड़', 'केंद्र कबड्डी', 'नेताजी की पहचान', 'मत चूको चौहान', 'शेर-आदमी-बंदूक' और 'सुदर्शन चक्र' जैसी स्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ​कार्यक्रम में कुलपति प्रो. दयाल के साथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील शर्मा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने खेल भावना का परिचय देते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।