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ग्राम पंचायतों में ‘रोजगार दिवस’ और ‘आवास दिवस’ का व्यापक आयोजन

April 7, 2026

ग्राम पंचायतों में ‘रोजगार दिवस’ और ‘आवास दिवस’ का व्यापक आयोजन
प्रेस विज्ञप्ति पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग प्रदेश की ग्राम पंचायतों में “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का व्यापक आयोजन “मोर गांव - मोर पानी - मोर तरिया” अभियान बना जनभागीदारी का मॉडल दिनांक: 07 अप्रैल 2026 रायपुर – शासन के निर्देशानुसार आज दिनांक 07 अप्रैल 2026 को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव के साथ “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का व्यापक एवं प्रभावी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पूर्व ही विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रकरणों एवं समस्याओं का निराकरण कर योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित “मोर गांव - मोर पानी - मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया – आय के जरिया” पहल ने जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया। युवाओं एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं की सक्रिय सहभागिता से जल संरक्षण हेतु नवा तरिया निर्माण के लिए स्थलों का चिन्हांकन किया गया तथा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने की ठोस कार्ययोजना तैयार की गई। मनरेगा के तहत कार्यों में तेजी लाते हुए प्रगतिरत निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा मांग आधारित नए कार्य प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही आजीविका डबरी के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय वृद्धि हेतु Livelihood Layering गतिविधियों की रूपरेखा भी तैयार की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) अंतर्गत स्वीकृत आवासों को अधिकतम 90 दिवस में पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ ग्राम पंचायत स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई। हितग्राहियों को प्राप्त राशि की जानकारी देते हुए उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने एवं लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह की दीदियों की भूमिका को सशक्त करते हुए उन्हें सामग्री आपूर्ति एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। नागरिक सूचना पटल पर समूह से जुड़े परिवारों की महिलाओं का नाम अंकित कर पारदर्शिता एवं सम्मान सुनिश्चित किया गया। तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता को बढ़ावा देते हुए QR कोड के माध्यम से मनरेगा एवं PMAY-G कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई। अमृत सरोवरों एवं अन्य प्रमुख स्थलों पर भी QR कोड आधारित सूचना उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई तथा स्लोगन, नारे एवं जिंगल के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण कर शासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया गया। इस व्यापक आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली, जो ग्रामीण विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।