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ईरान के सुप्रीम लीडर का सख्त संदेश: परमाणु हथियार राष्ट्रीय धरोहर, मिसाइलों पर कोई समझौता नहीं
April 30, 2026
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि देश अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने इन क्षमताओं को “राष्ट्रीय संपत्ति” बताते हुए कहा कि ईरान इन्हें उसी तरह सुरक्षित रखेगा जैसे वह अपनी सीमाओं—जल, थल और वायु क्षेत्र—की रक्षा करता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इन मुद्दों पर बातचीत और संभावित समझौते की कोशिशों की चर्चा चल रही है।
सरकारी मीडिया के माध्यम से जारी इस संदेश में खामेनेई ने फारस की खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में एक “नया अध्याय” शुरू हो रहा है, जिसका भविष्य अमेरिका की भागीदारी के बिना तय होगा। उनके अनुसार, क्षेत्रीय देशों को अब बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त होकर अपने विकास और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह सदियों से वैश्विक शक्तियों के आकर्षण का केंद्र रहा है, लेकिन ईरान इस पर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिका की सैन्य उपस्थिति की आलोचना करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में बाहरी ताकतों के लिए कोई स्थान नहीं है।
यह बयान ‘नेशनल पर्शियन गल्फ डे’ के अवसर पर जारी किया गया, जो 1622 में पुर्तगालियों को इस क्षेत्र से बाहर निकाले जाने की याद में मनाया जाता है। खामेनेई ने दावा किया कि हालिया घटनाओं में अमेरिका को रणनीतिक रूप से असफलता मिली है और अब क्षेत्रीय संतुलन बदल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि लगभग 90 मिलियन ईरानी नागरिक देश की वैज्ञानिक, औद्योगिक और तकनीकी उपलब्धियों—जिनमें नैनो टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम शामिल हैं—को अपनी राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा मानते हैं और उनकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।