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यमुना किनारे रह रहे परिवारों को बड़ा झटका, DDA ने भेजा नोटिस

May 7, 2026 Source: Public-Axis

यमुना किनारे रह रहे परिवारों को बड़ा झटका, DDA ने भेजा नोटिस
दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित यमुना बाजार कॉलोनी को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम सामने आया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने निगम बोध घाट के पास बसे लगभग 310 घरों को 15 दिनों के भीतर खाली करने का नोटिस जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि यह इलाका ‘O जोन’ यानी नो-डेवलपमेंट ज़ोन में आता है, जहां स्थायी निर्माण और आवासीय गतिविधियों की अनुमति नहीं है। इसी नियम के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। DDA के अनुसार, यमुना किनारे होने वाले अनियंत्रित निर्माण पर्यावरण और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा, बाढ़ का खतरा और भूमि कटाव जैसी समस्याओं को रोकने के लिए ऐसे क्षेत्रों में निर्माण पर प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार का मानना है कि इस तरह की बस्तियां भविष्य में बड़ी आपदा का कारण बन सकती हैं। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने इस नोटिस का विरोध शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि उन्हें पहले से दिल्ली हाई कोर्ट से स्टे मिला हुआ है, ऐसे में दोबारा नोटिस जारी करना उचित नहीं है। कई परिवारों का दावा है कि वे इस इलाके में दशकों से रह रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि उनका परिवार ब्रिटिश शासनकाल से यहां बसा हुआ है। निवासियों के अनुसार, अचानक घर खाली करने का आदेश उनके लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है। उनका कहना है कि उनकी आजीविका, सामाजिक जीवन और धार्मिक गतिविधियां इसी इलाके से जुड़ी हुई हैं। कई परिवारों ने पुनर्वास की मांग की है और सरकार से समाधान निकालने की अपील की है। स्थानीय लोगों में इस समय डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन उनकी बात नहीं सुनता, तो वे अदालत का रुख करेंगे। वहीं प्रशासन अपनी कार्रवाई को पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा से जुड़ा कदम बता रहा है। यह मामला अब केवल अवैध निर्माण हटाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें पर्यावरण सुरक्षा, पुनर्वास और वर्षों से बसे लोगों के अधिकार जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी जुड़ गए हैं।