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जैश-ए-मोहम्मद ने माना ऑपरेशन सिंदूर का खौफ, कहा- आसमान से बरस रही थी आग

May 10, 2026 Source: Public-Axis

जैश-ए-मोहम्मद ने माना ऑपरेशन सिंदूर का खौफ, कहा- आसमान से बरस रही थी आग
भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि पाकिस्तान ने 7 और 8 मई की रात गुजरात से लेकर कश्मीर तक करीब 900 ड्रोन दागे थे। सेना के अनुसार यह हमला पाकिस्तान, चीन और तुर्किये की संयुक्त रणनीति का हिस्सा था। इन ड्रोन हमलों का मकसद भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम को कमजोर करना, महंगे मिसाइल सिस्टम को सक्रिय करने पर मजबूर करना और भारत के रडार व निगरानी नेटवर्क की जानकारी जुटाना था। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने यूक्रेन-रूस युद्ध में इस्तेमाल की गई ‘स्वॉर्म ड्रोन’ तकनीक को अपनाया था। बड़ी संख्या में छोटे और सस्ते ड्रोन भेजकर भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। हालांकि भारतीय वायुसेना के एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) ने इन सभी ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया और पाकिस्तान भारत के किसी भी महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने को नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हो सका। सेना का कहना है कि पाकिस्तान को सस्ते ड्रोन उपलब्ध कराने में तुर्किये की अहम भूमिका थी, जबकि चीन ने निगरानी और सर्विलांस से जुड़ी तकनीकी सहायता दी। भारत की सैन्य समीक्षा में यह भी सामने आया कि इस पूरे अभियान ने भारतीय नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर क्षमता और एयर डिफेंस सिस्टम की ताकत को साबित किया। जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 100 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक और 100 से अधिक आतंकी मारे गए। सेना ने साफ कहा कि यह अभियान केवल एक जवाबी कार्रवाई नहीं था, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लंबी रणनीति की शुरुआत है। इस बीच आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed ने सोशल मीडिया पोस्ट में ऑपरेशन के दौरान हुए भारी नुकसान का जिक्र किया। संगठन ने दावा किया कि उस रात “आसमान से आग बरस रही थी” और हर तरफ जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। इन पोस्टों में मारे गए आतंकियों को ‘शहीद’ बताया गया और हमलों के दौरान फैले डर और अफरा-तफरी का भी उल्लेख किया गया।