Thursday, May 28, 2026
English edition
PublicAxis PublicAxis

Balance. Truth. Perspective

India

दिल्ली के उद्यानों में आएगा बदलाव, सरकार ने लिया बड़ा निर्णय

May 11, 2026 Source: Public-Axis

दिल्ली के उद्यानों में आएगा बदलाव, सरकार ने लिया बड़ा निर्णय
दिल्ली सरकार राजधानी के पार्कों और उद्यानों को आधुनिक और हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के हरित क्षेत्र (ग्रीन एरिया) को बढ़ाना, उनका बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करना और नागरिकों की सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना है। बढ़ते प्रदूषण और शहरीकरण के दबाव के बीच यह योजना पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार दिल्ली पार्क्स एंड गार्डन्स सोसाइटी के माध्यम से आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन), एनजीओ और अन्य पंजीकृत सोसायटियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, पार्कों के रखरखाव के लिए दी जाने वाली वार्षिक सहायता राशि को 2.55 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 3.80 लाख रुपये प्रति एकड़ करने का प्रस्ताव है। इससे पार्कों की नियमित सफाई, सिंचाई, पौधों की देखभाल और हरियाली के संरक्षण में सुधार होगा। इसके साथ ही सरकार मौजूदा 90:10 वित्तीय मॉडल को समाप्त कर 100 प्रतिशत सरकारी सहायता देने की योजना पर भी विचार कर रही है। अभी तक पार्कों के रखरखाव में सरकार 90 प्रतिशत खर्च उठाती थी, जबकि 10 प्रतिशत योगदान स्थानीय संस्थाओं को देना पड़ता था। नए बदलाव के बाद यह आर्थिक बोझ पूरी तरह खत्म हो जाएगा, जिससे अधिक आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठन पार्कों के विकास में भाग ले सकेंगे। नई नीति के तहत नए पार्कों के निर्माण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए एकमुश्त सहायता राशि को 1 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 2.9 लाख रुपये प्रति एकड़ करने का प्रस्ताव है। यह कदम तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के बीच हरित संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा। सरकार मौजूदा पार्कों को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त सुविधाएं जैसे डिस्प्ले बोर्ड, डस्टबिन और सिंचाई पाइपलाइन के लिए भी 2.5 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता देने पर विचार कर रही है। इससे पार्कों की स्वच्छता और जल प्रबंधन में सुधार होगा। कुल मिलाकर, यह योजना दिल्ली को एक अधिक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें सरकार और स्थानीय समुदाय मिलकर पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती देंगे।