Thursday, May 28, 2026
English edition
PublicAxis PublicAxis

Balance. Truth. Perspective

India

दिल्ली हाई कोर्ट ने झुग्गीवासियों को दिया 15 दिन का समय

May 12, 2026 Source: Public-Axis

दिल्ली हाई कोर्ट ने झुग्गीवासियों को दिया 15 दिन का समय
दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री आवास लोक कल्याण मार्ग और एयर फोर्स स्टेशन के पास स्थित तीन झुग्गी बस्तियों को हटाने की अनुमति देते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने भाई राम कैंप, डीआईडी कैंप और मस्जिद कैंप के निवासियों को 15 दिनों के भीतर स्थान खाली करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हटाना “आश्रय और आजीविका के अधिकार” का उल्लंघन नहीं माना जाएगा, यदि प्रभावित लोगों का पुनर्वास तय नियमों और मानवीय प्रक्रिया के तहत किया जाए। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक हित से जुड़ा हुआ है, क्योंकि ये झुग्गियां प्रधानमंत्री आवास और एयर फोर्स स्टेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के बेहद करीब स्थित हैं। अदालत ने माना कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं गंभीर और उचित हैं। ऐसे में सरकारी जमीन से अवैध निर्माण हटाने का फैसला जरूरी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि संवेदनशील सरकारी इलाकों पर किए गए अवैध कब्जों को स्थायी अधिकार के रूप में नहीं देखा जा सकता। हालांकि अदालत ने सरकार और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि विस्थापित लोगों के पुनर्वास में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। पुनर्वास स्थलों पर पानी, स्वच्छता, स्कूल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। मामले में याचिकाकर्ताओं ने सावदा घेवर्रा में पुनर्वास का विरोध किया था। उनका कहना था कि नया स्थान उनके कार्यस्थल और बच्चों के स्कूलों से काफी दूर है, जिससे रोज़गार और शिक्षा प्रभावित होगी। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि आसपास के क्षेत्र में वैकल्पिक आवास उपलब्ध नहीं है, इसलिए 717 निवासियों को सावदा घेवर्रा में बसाने का निर्णय लिया गया। अदालत ने DUSIB की पुनर्वास नीति का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों ने अभी तक आवंटित फ्लैट स्वीकार नहीं किए हैं, वे दस्तावेज सत्यापन के बाद तुरंत उन्हें ग्रहण करें। अदालत ने यह भी नोट किया कि अब तक 192 लोगों ने आवंटन पत्र स्वीकार कर लिए हैं और 136 परिवार नए फ्लैटों में शिफ्ट भी हो चुके हैं।