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प्रदूषण फैलाने वालों पर जीरो टॉलरेंस, उद्योगों पर लाखों रुपये का जुर्माना

May 12, 2026 Source: Public-Axis

प्रदूषण फैलाने वालों पर जीरो टॉलरेंस, उद्योगों पर लाखों रुपये का जुर्माना
रायगढ़ जिले में वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्त कदम उठाए हैं। मंडल के अनुसार जिले की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) फिलहाल ‘संतोषजनक’ से ‘मध्यम’ श्रेणी के बीच स्थिर बनी हुई है। पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जनवरी 2026 से मई 2026 तक कुल 25 उद्योगों पर 79 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि लगाई गई है। मंडल ने रायगढ़ जिले में वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है। खनन और औद्योगिक क्षेत्रों में 4 सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (CAAQMS) स्थापित की गई हैं। ये केंद्र कुंजेमुरा, मिलुपारा (तमनार), छाल (धरमजयगढ़) और पूंजीपथरा औद्योगिक क्षेत्र में संचालित हैं। इसके अलावा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत रायगढ़ शहर और ओ.पी. जिंदल औद्योगिक पार्क में नियमित मैन्युअल मॉनिटरिंग भी की जा रही है। पर्यावरण संरक्षण मंडल ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले 8 उद्योगों पर 3 लाख 22 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि फ्लाई ऐश प्रबंधन और परिवहन नियमों का पालन नहीं करने वाले 17 उद्योगों पर 76 लाख 20 हजार 255 रुपये की क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई। सड़कों पर उड़ने वाली धूल और राखड़ को नियंत्रित करने के लिए मंडल ने सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है। फ्लाई ऐश के सुरक्षित परिवहन और निपटान के लिए IWMMS पोर्टल के माध्यम से डिजिटल ट्रैकिंग की व्यवस्था भी की गई है। मंडल का कहना है कि रायगढ़ में प्रदूषण स्तर को लेकर फैल रही आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।