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पेट्रोल-डीजल और सोने पर PM मोदी की अपील से राजनीतिक घमासान तेज

May 12, 2026 Source: Public-Axis

पेट्रोल-डीजल और सोने पर PM मोदी की अपील से राजनीतिक घमासान तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेट्रोल-डीजल और अन्य संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील के बाद देशभर में राजनीतिक और आर्थिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा और देश की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं, वहीं सराफा व्यापार से जुड़े संगठनों ने भी इस बयान पर चिंता जताई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख Sharad Pawar ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के फैसलों में सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर चलना जरूरी है। पवार के अनुसार, प्रधानमंत्री की ओर से अचानक सोना खरीदने से बचने और ईंधन की खपत कम करने जैसी अपीलों ने आम जनता और व्यापारियों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। उनका मानना है कि ऐसे संदेशों का देश की अर्थव्यवस्था और बाजार पर लंबा असर पड़ सकता है। ज्वेलरी उद्योग से जुड़े व्यापारियों ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जाहिर की है। महाराष्ट्र स्वर्णकार सराफा महामंडल के अध्यक्ष पुरुषोत्तम कवाले ने कहा कि सरकार को इस तरह की अपील करने से पहले उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि देशभर में लाखों परिवारों की आजीविका सराफा कारोबार पर निर्भर करती है और ऐसे बयानों से बाजार में नकारात्मक माहौल बन सकता है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के गुजरात अध्यक्ष नैनेश पच्छीगर ने भी कहा कि सराफा उद्योग हमेशा देशहित में सरकार के साथ खड़ा रहा है, लेकिन छोटे और मध्यम कारोबारियों की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखना चाहिए। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता से “त्याग” मांगना सरकार की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां लोगों को यह बताया जा रहा है कि उन्हें क्या खरीदना चाहिए और कितना खर्च करना चाहिए। इन प्रतिक्रियाओं के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत के पास पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल और एलपीजी का स्टॉक उपलब्ध है। सरकार के अनुसार, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील केवल एहतियात और ऊर्जा संरक्षण के उद्देश्य से की गई है।