Thursday, May 28, 2026
English edition
PublicAxis PublicAxis

Balance. Truth. Perspective

World

मोदी से मुलाकात के बाद भरणी की पोस्ट ने मचाई सनसनी

May 13, 2026 Source: Public-Axis

मोदी से मुलाकात के बाद भरणी की पोस्ट ने मचाई सनसनी
तेलुगू सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, लेखक और कवि तनिकेला भरणी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई एक हालिया मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। यह घटना हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर उस समय हुई जब प्रधानमंत्री मोदी सरकारी कार्यक्रमों के बाद दिल्ली लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, उस समय एयरपोर्ट पर कई राजनीतिक नेता और गणमान्य लोग प्रधानमंत्री को विदा करने के लिए मौजूद थे। इन्हीं में तनिकेला भरणी भी शामिल थे, जो शांतिपूर्वक कतार में खड़े होकर प्रधानमंत्री से मिलने की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान अचानक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने सभी को चौंका दिया। बताया जाता है कि जब प्रधानमंत्री मोदी भीड़ के बीच से गुजर रहे थे, तो उन्होंने भरणी को पहचान लिया और उनसे गर्मजोशी से हाथ मिलाया तथा उनका अभिवादन किया। यह अप्रत्याशित और भावुक क्षण अभिनेता के लिए बेहद खास बन गया। मुलाकात के बाद भरणी भावुक हो गए और उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय उनकी आंखें नम हो गई थीं। इस मुलाकात के बाद तनिकेला भरणी ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया। अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि भले ही उन्होंने भगवान राम, भगवान कृष्ण, आदि शंकराचार्य या स्वामी विवेकानंद जैसी महान आध्यात्मिक हस्तियों को कभी प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा, लेकिन उन्हें पीएम मोदी में उन महान व्यक्तित्वों जैसे गुण महसूस हुए। उनके इस बयान ने व्यापक चर्चा और प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। भरणी ने आगे यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी से हाथ मिलाने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे उनकी जिंदगी “सार्थक” हो गई हो। उनके इन शब्दों ने सोशल मीडिया पर कई लोगों को भावुक कर दिया और प्रशंसकों के बीच इस मुलाकात को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। तनिकेला भरणी को केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक साहित्यकार और आध्यात्मिक सोच रखने वाले कलाकार के रूप में भी जाना जाता है। वे भारतीय संस्कृति, परंपराओं और भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था को अक्सर सार्वजनिक रूप से व्यक्त करते रहे हैं। उन्होंने पहले भी प्रधानमंत्री मोदी की इस बात के लिए सराहना की है कि उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को मजबूत तरीके से प्रस्तुत किया है। कुल मिलाकर, यह मुलाकात भरणी के लिए सिर्फ एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि एक भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव बन गई, जिसने उनके विचारों और भावनाओं पर गहरा प्रभाव छोड़ा।